मेरी वाटिका के फूल
Wednesday, 13 April 2016
Spirituality at works: NLP Experience
Spirituality at works: NLP Experience: My Experience with “ NLP Practitioner Certificate Training “ with NLP Coaching Academy I attended NLP Practitioner workshop in the mon...
Saturday, 4 October 2014
"विगत तिमिर स्वप्नों में खोयी"
विगत तिमिर में स्वप्नों खोयी
अवनि का अंचल जाग उठा.
नोर, संवर प्राची-अतिथि रथ,
भोर ले, कलगान उठा।
दर्शनी-से नीर-कण तब,
मोतियों-से भाने लगे,
कुरंग-गति-से, हंस-कुल,
उतर नभ से आने लगे।
माधवी-मद-गंध लाई,
आकृष्ट कर अलि-वृंद को,
रत-मधुप फिर उठ ना पाते,
पान कर मकरंद को।
मौलिक रचना-अभिजित कर
१८.१०.७१
विगत तिमिर में स्वप्नों खोयी
अवनि का अंचल जाग उठा.
नोर, संवर प्राची-अतिथि रथ,
भोर ले, कलगान उठा।
दर्शनी-से नीर-कण तब,
मोतियों-से भाने लगे,
कुरंग-गति-से, हंस-कुल,
उतर नभ से आने लगे।
माधवी-मद-गंध लाई,
आकृष्ट कर अलि-वृंद को,
रत-मधुप फिर उठ ना पाते,
पान कर मकरंद को।
मौलिक रचना-अभिजित कर
१८.१०.७१
Tuesday, 30 September 2014
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